आज फिर होगी नए CBI डायरेक्टर के नाम पर मीटिंग, शॉर्टलिस्ट में शामिल हैं ये नाम
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन के नए डायरेक्टर के नाम पर अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चयन समिति फिर से बैठक करने वाली है. सीबीआई का अगला डायरेक्टर कौन होगा इसका फैसला ये तीन सदस्यीय पैनल करेगा. पैनल में पीएम मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे हैं. इस बैठक के बाद देश की सबसे बड़ी सुरक्षा जांच एजेंसी के नए डायरेक्टर के नाम की घोषणा हो सकती है. इसके पहले भी चयन समिति ने नए डायरेक्टर के नाम को लेकर बैठक की थी, लेकिन उस बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला था. चयन समिति ने 10 जनवरी को आलोक वर्मा को CBI डायरेक्टर के पद से हटा दिया था. आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. आलोक वर्मा को CBI डायरेक्टर के पद से हटाकर दमकल सेवा महानिदेशक, नागरिक रक्षा और होम गार्ड्स का महानिदेशक बनाया गया था, जिसके बाद उन्होंने खुद इस्तीफा दे दिया था. समिति की बैठक की खबरों के बीच ये भी कहा जा रहा है कि समिति ने कुछ नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं, जिनमें से कोई एक सीबीआई प्रमुख बन सकता है. पीएमओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'सरकार इस बार मौका नहीं लेना चाहती है. इसीलिए उन्होंने 12 अधिकारियों को शॉर्टलिस्ट किया है. जिनके नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं, उनमें 1983 बैच के अधिकारी शिवानंद झा जो डीजीपी गुजरात हैं, बीएसएफ के महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा, सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन, महानिदेशक एनआईए वाईसी मोदी और मुंबई पुलिस आयुक्त सुबोध जायसवाल के नाम शामिल हैं.' क्यों लिए जा रहे हैं इनके नाम? कुछ अधिकारियों का कहना है कि सरकार झा के साथ जा सकती है. पीएम उन्हें भी जानते हैं क्योंकि उन्होंने केवल झा को पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्त किया था. झा 2021 में रिटायर होंगे. इस बात पर भी बहस हो रही है कि अगर डीजीपी गुजरात का पद खाली हो जाता है तो मोदी सरकार वहां पूर्व सीबीआई नंबर 2 ऑफिसर राकेश अस्थाना के लिए प्रयास कर सकती है. वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, महानिदेशक एनआईए वाईसी मोदी इस पद के लिए एक और मजबूत दावेदार हैं. उन्होंने बताया वह आरएसएस से भी जुड़े हैं और सीबीआई में लंबे समय तक काम किया है. वहीं वाईसी मोदी गुजरात दंगों की जांच कर रहे विशेष जांच दल का भी हिस्सा हैं. सूत्रों का कहना है कि महानिदेशक बीएसएफ आरके मिश्रा को सीबीआई के शीर्ष पद के लिए भी माना जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि वह पीएम के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा के करीबी हैं. वहीं, ये भी कहा जा रहा है कि मुंबई के पुलिस कमिश्नर सुबोध जायसवाल भी अपने आरएसएस लिंक के लिए जाने जाते हैं.
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2Uq7hd6
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